सोमवार, अग 02

  •  
  •  

 ‘इंटरनेट और आज का मास मीडिया’

(दिनांक 16-17 मार्च, 2016)

केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग के तत्वावधान में ‘इंटरनेट और आज का मास मीडिया’ विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी एवं पर्यावरण पर चित्र-प्रदर्शनी का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीप अग्निहोत्री ने मीडिया में निहित स्वार्थों की बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जाहिर की। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल देव ने सोशल मीडिया को मीडिया के समावेशीकरण एवं लोकतंत्रीकरण के रूप में देखने के साथ-साथ तकनीक के दुरुपयोग के बारे में भी आगाह किया। द्वितीय सत्र में डॉ. देवेंद्र शुक्ल एवं वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल एवं राजशंकर शर्मा ने भी पर्यावरण के संदर्भ में जनसंचार माध्यमों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। इस सत्र में संस्थान के प्रशिक्षु पत्रकारों ने भी प्रतिभाग किया। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में संस्थान के निदेशक प्रो. नंद किशोर पाण्डेय ने तकनीक माध्यमों को हिंदी व अन्य भारतीय भाषाओं से जोड़ने पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रो. सुन्दर लाल, प्रो. गिरजा शंकर शर्मा, डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ, प्रो. हरिशंकर, प्रो. वीना शर्मा, प्रो. देवेन्द्र शुक्ल, कुलसचिव डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी सहित संस्थान के विभिन्न प्राध्यापक ओर छात्र-छात्राएं सम्मलित थे, कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष श्री केशरी नंदन ने सभी को धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन श्री अनुपम श्रीवास्तव द्वारा किया गया।


लाइक....कमेंट...शेयर...सोशल... मीडिया एक बड़ा मायाजाल बन गया है, और नई पीढ़ी इसकी गिरफ्त में है,- यह उद्गार वरिष्ठ पत्रकार एन.आर.स्मिथ ने केंद्रीय हिंदी संस्थान में मीडिया विषयक सेमीनार में व्यक्त किए।
सोशल मीडिया विशेषज्ञ राकेश उपाध्याय ने डिजिटल व्यस्तता के चलते समाज से कटाव पर चिंता जाहिर कि सोशल मीडिया आम आदमी के लिए हथियार बन गया है व इंटरनेट आम आदमी की ताकत बन गया है। उन्होंने बताया कि आम आदमी सोशल मीडिया का उपयोग कर सोशल जर्नलिस्ट की भूमिका निभा रहा है। एन.आर.स्मिथ के अतिरिक्त ‘आई.बी.एन. खबर’ के वरिष्ठ पत्रकार दीपक पालीवाल ने इस बात को दोहराया कि अखबारों के समाचारों की गुणवक्ता एवं विश्वसनीयता इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं साइबर मीडिया से कहीं अधिक बनी हुई है, भले ही यह दौर ब्रेंकिंग न्यूज का माना जा रहा हो। भरत मल्होत्रा ने साइबर मीडिया एवं सोशल मीडिया के तकनीकी पक्षों पर प्रकाश डालते हुए क्षेत्रीय भाषाओं एवं हिंदी पत्रकारिता में उपलब्ध अवसरों के बारे में बताया। ब्लॉगर प्रतीक पांडेय ने भारत में ब्लॉगिंग के विकास और युवाओं में इसकी लोकप्रियता के बारे में अपने अनुभव साइना किए। उन्होंने मध्यपूर्व की जैस्मिन क्रांति में सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। न्यूज पोर्टल समाचार4मीडिया के सहायक संपादक अभिषेक मल्होत्रा ने कहा कि सोशल मीडिया आजकल ‘ट्रेंड सेटर’ की भूमिका में आ गया है।
वरिष्ठ पत्रकार ऋषि माथुर ने प्रशिक्षण की कमी पर चिंता जाहिर करते हुए समाचारों को पाठकों के जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि संवाददाता आजकल घटना स्थल पर कम पहुँच पा रहे हैं और सोशल मीडिया समाचारों के स्रोत के रूप में भी कार्य कर रहा है। पीयूष पांडेय ने कहा कि सोशल मीडिया ने लोगों को एक मंच प्रदान किया है लेकिन जवाबदेही तय न होने के कारण इसके अपने खतरे हैं इस कारण अफवाहें फैलती हैं और हाल में हुए साम्प्रदायिक दंगे इस के प्रमाण है।
अंतिम सत्र में डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ एवं ऋषि माथुर ने संस्थान के प्रशिक्षु पत्रकारों की जिज्ञासाओं का समाधान ने करते हुए उन्हें पत्रकारिता के गुर बताये। संचालन वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल ने किया। संस्थान के वरिष्ठ आचार्य प्रो. देवेंद्र शुक्ल तथा डॉ. राजशंकर शर्मा ने प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्द्धन किया।
विभागाध्यक्ष तथा संगोष्ठी के संयोजक श्री केशरी नंदन ने दो दिसवीय संगोष्ठी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा श्री अनुपम श्रीवास्तव ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु धन्यवाद ज्ञापन किया।


  • सूचना-पट

  • परिचय

  • विकास-यात्रा

  • विज़न 2021

  • फ़ोटो गैलरी

  • ओडियो-विजुअल गैलरी

  • आर.टी.आई.-2005

  • उपयोगी लिंक

  • ऑनलाइन पत्रिकाएँ

 सूचना-पट

संस्थान के दिल्ली केंद्र पर सुरक्षा, सफाई एवं विद्युत रखरखाव व्यवस्था हेतु निविदा/संविदा हेतु निबंधन एवं शर्तें (नया)

केंद्रीय हिंदी संस्थान में शिक्षण सत्र 2021-22 के लिए अनुबंध पर प्रवक्ता पद हेतु आवेदन के लिए | विज्ञापन सं. 10/2021 | ऑनलाइन आवेदन फॉर्म | भर्ती संबंधी सामान्य निर्देश | (नया) 

सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों में सत्र 2021-22 हेतु प्रवेश आवेदन की विज्ञप्ति (आगरा मुख्यालय) एवं (दिल्ली केंद्र) | ऑनलाइन प्रवेश आवेदन प्रक्रिया दि. 10.07.2021 से प्रारंभ। (नया)

महत्त्वपूर्ण सूचना - संस्थान के नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों (हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत, हिंदी शिक्षण प्रवीण) के सत्र 2021-23 में प्रवेश परीक्षा के स्थान पर निर्धारत प्रवेश योग्यता के अनुसार प्रवेश दिए जाएंगे। (नया)

महत्त्वपूर्ण सूचना - संस्थान में शैक्षिक वर्ग की रिक्तियों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि दिनांक 10 जुलाई 2021 तक बढ़ाए जाने संबंधी सूचना 

हिंदी सेवी सम्मान वर्ष 2020 के लिए नामांकन प्रस्ताव आमंत्रित। विज्ञापन और नामांकन प्रस्ताव प्रपत्र देखिए। नामांकन की अंतिम तिथि 01 जुलाई 2021 तक बढ़ाए जाने संबंधी सूचना। 

संस्थान में शैक्षिक वर्ग के रिक्त पदों संबंधी |विज्ञापन-सूचना|, |आवेदन प्रपत्र|, |आवश्यक निर्देश|, |यूजीसी रेगुलेशन 2018 के अनुसार परि.-II, तालिका-2 

सत्र 2021-23 हेतु नियमित अध्यापक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश की सूचना प्रवेश परीक्षा हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया दि. 01.03.21 से आरंभ। ऑनलाइन आवेदन हेतु - प्रवेश-परीक्षा 2021-23 के आवेदक-अभ्यर्थियों के लिए सूचना  देखिए। 

दि. 26.02.2021 को संस्थान मुख्यालय में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय (भारत सरकार) और केंद्रीय हिंदी संस्थान की संयुक्त कार्यशाला संपन्न। प्रेस रिपोर्ट फोटो अलबम  

संस्थान मुख्यालय आगरा में पुस्तकालय प्रदर्शनी - 26.2.2021 

लघु पत्रिकाओं के लिए वित्तीय सहयोग योजना हेतु आवेदन एवं नियम निर्देशिका । सहायता : NGO दर्पण वेब पोर्टल पर यूनिक आई डी बनाने के लिए दिशा निर्देश   

केंद्रीय हिंदी संस्थान के दो-वर्षीय नियमित शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम - हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत और हिंदी शिक्षण प्रवीण में शिक्षण सत्र 2020-22 और एक वर्षीय विशेष गहन पाठ्यक्रम 2020-21 (प्रतिनियुक्ति केआधार पर) में चयनित अभ्यर्थियों की सूची।

केंद्रीय हिंदी संस्थान के दो-वर्षीय नियमित शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम - हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत और हिंदी शिक्षण प्रवीण के सेवा-पूर्व श्रेणी के चयनित अभ्यर्थियों की सूची।

 सांध्यकालीन पाठ्यक्रम विभाग के स्नातकोत्तर जनसंचार एवं पत्रकारिता डिप्लोमा सत्र : 2020-21 में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की योग्यता के आधार पर प्रवेश हेतु चयनित अभ्यर्थियों की सूची

 हैदराबाद केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर माननीय शिक्षा मंत्री द्वारा दिया गया उद्बोधन । कार्यक्रम का यूट्यूब वीडियो । फोटो अलबम । प्रेस विज्ञप्ति ।   

 शिक्षक दिवस (दि.: 05.09.2020) के अवसर पर केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा आयोजित 'शिक्षकों से संवाद' कार्यक्रम - 'हिंदी शिक्षकों के समक्ष चुनौतियाँ' 

साहित्य अकादमी और केंद्रीय हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नगेंद्र जन्म- 

       शतवार्षिकी समारोहएवं लेखक से भेंट कार्यक्रम
परिचय
  • केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर विभाग द्वारा 1960 ई. में स्थापित स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा संचालित शिक्षण संस्था है। संस्थान मुख्यतः हिंदी के अखिल भारतीय शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार के लिए कार्य-योजनाओं का संचालन करता है।
  • संस्थान का मुख्यालय आगरा में स्थित है। इसके आठ केंद्र - दिल्ली (स्था. 1970), हैदराबाद (स्था. 1976), गुवाहाटी (स्था. 1978), शिलांग (स्था. 1987), मैसूर (स्था. 1988), दीमापुर (स्था. 2003), भुवनेश्‍वर (स्था. 2003) तथा अहमदाबाद (स्था. 2006) में सक्रिय हैं।

और..

विकास यात्रा

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना सन् 1960 में हुई थी। तब से आज तक लगातार मंडल द्वारा निर्धारित लक्ष्यों एवं उद्देश्यों के अनुपालन में संस्थान हिंदी के शैक्षणिक विकास, बहुआयामी अनुसंधान और प्रचार-प्रसार के लिए अपनी गतिविधियों को विस्तार देता रहा है। पाँच दशकों से अधिक लंबी इस विकास-यात्रा के उल्लेखनीय पड़ावों की जानकारी इस खंड में बिंदुवार प्रस्तुत की जा रही है।

...और

विज़न 2021
  • आधुनिकतम संचार माध्यमों और सूचना प्रौद्योगिकी का हिंदी भाषा शिक्षण और दूर शिक्षा के लिए अधिकाधिक प्रयोग
  • यूनिकोड का व्यापक प्रचार और प्रसार
  • एक विशाल पोर्टल और बहुभाषी वेबसाइट
  • पॉप्युलर कल्चर के महत्त्व का रेखांकन, फ़िल्म लोक-नाट्य, कविसम्मेलन और मुशायरे
  • हिंदी की बोलियों का संरक्षण हो तथा देश-विदेश में नए केंद्रों की स्थापना
  • देश-विदेश के हिंदी के प्रख्यात साहित्य शिल्पियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर फ़िल्में बनाई जाएं
  • विश्व भर की संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से सकर्मक जुड़ाव
  • मानकीकृत पाठ्यक्रमों का निर्माण एवं संचालन
  • विश्व के महान साहित्यिक कृतियों और ज्ञान-विज्ञान के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद
  • जिन संस्थाओं के पास साधनों का अभाव है, हिंदी के विकास के लिए उनकी मदद

और..

फ़ोटो गैलरी

संस्थान की विविध गतिविधियों से संबंधित छवियों का विस्तृत संग्रह

और...

ओडियो-विजुअल गैलरी

स्वर्ण जयंती वीडियो

केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्वर्ण जयंती

उपयोगी लिंक

हिंदी शिक्षण, हिंदी भाषा संसाधन और संवर्धन से जुड़ी उपयोगी सूचना एवं जानकारियों से जुड़ी वेबसाइटों और वेब-पोर्टलों के लिंक।

और...

ऑनलाइन पत्रिकाएँ

गवेषणा - अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, भाषाशिक्षण तथा साहित्य चिंतन की त्रैमासिक शोध पत्रिका

प्रवासी जगत - प्रवासी जगत का साहित्य, साहित्यकार व संस्कृति केंद्रित पत्रिका

संवाद पथ - हिंदी जनसंचार एवं पत्रकारिता केंद्रित पत्रिका

शैक्षिक उन्मेष - शिक्षा जगत की शोध एवं विचार केंद्रित पत्रिका

भावक - हिंदी साहित्य-सृजन एवं चिंतन के विविध आयामों पर केंद्रित पत्रिका

समन्वय पश्चिम - पश्चिम भारत की भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संबंधी चिंतन पर केंद्रित पत्रिका

समन्वय पूर्वोत्तर - पूर्वोत्तर भारत की भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संबंधी चिंतन पर केंद्रित पत्रिका 

समन्वय दक्षिण - दक्षिण भारत की भाषा, साहित्य एवं संस्कृति संबंधी चिंतन पर केंद्रित पत्रिका

संस्थान समाचार - संस्थान मुख्यालय एवं इसके क्षेत्रीय केंद्रों का त्रैमासिक समाचार बुलेटिन


 

संस्थान प्रकाशन सूची - 2020