शनिवार, नव 28

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अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग

 

 

परिचय एवं उद्देश्य -
अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग का प्रमुख उद्देश्य भारत और विदेशों में हिंदी भाषा और साहित्य के शिक्षण, प्रशिक्षण तथा अध्ययन-अध्यापन में गुणात्मक सुधार लाना एवं छात्रों को हिंदी साहित्य/भाषाशिक्षण एवं हिंदी शोध-प्रविधियों का परिचय देना है।
संस्थान द्वारा संचालित विदेशियों के हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निम्नलिखित श्रेणियों के अंतर्गत विदेशी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है-

भारत सरकार की विदेशों में हिंदी प्रचार की योजना के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थी

सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अंतर्गत चुने गए विद्यार्थी

विभिन्न देशों की सरकारों/ अभिकरणों/ संस्थाओं द्वारा प्रतिनियुक्त/ प्रायोजित विद्यार्थी

निजी व्यय पर हिंदी अध्ययन हेतु नामांकन कराने वाले विद्यार्थी


कार्यकलाप -

विभाग में विश्व के विभिन्न देशों से आने वाले विदेशी छात्रों को चार स्तर के पाठ्यक्रमों के अंतर्गत हिंदी शिक्षण प्रदान किया जाता है। विदेशी छात्रों को आगरा मुख्यालय में अधुनातन तकनीक से हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण प्रदान करने में स्मार्ट क्लास, डिजिटल भाषा प्रयोगशाला, कंप्यूटर प्रयोगशाला एवं मल्टीमीडिया शिक्षण कक्ष कक्ष का उपयोग एक महत्वपूर्ण प्रयोग है।


विभागीय सदस्य -

विभागाध्यक्ष -
01. प्रोफेसर बीना शर्मा, प्रोफ़ेसर

शैक्षिक सदस्य -

02. डॉ. जोगेंद्र सिंह मीणा, सहायक प्रोफेसर
03. श्री मयंक, सहायक प्रोफेसर
04. सुश्री जानकी जेठवानी, अनुसंधान सहायक
05. डॉ. सर्वेश कुमार मिश्र, अतिथि अध्यापक (अनुबंध)
06. डॉ. पीयूष कुमार द्विवेदी, अतिथि अध्यापक (अनुबंध)


अन्य विभागों के सहयोगी अध्यापक -

01. श्री अनुपम श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर
02. श्री केशरी नंदन, सहायक प्रोफेसर
03. डॉ. आकाश भदौरिया, अतिथि अध्यापक (अनुबंध)


 



प्रशासनिक सदस्य -

01. श्री हरीश चंद्र शर्मा, उच्च श्रेणी लिपिक
02. श्री राहुल देवरानी, डेटा-ऑपरेटर (अनुबंध)


संचालित पाठ्यक्रम -

(i) हिंदी भाषा दक्षता प्रमाण पत्र (पाठ्यक्रम कोड : 100)
(ii) हिंदी भाषा दक्षता डिप्लोमा (पाठ्यक्रम कोड : 200)
(iii) हिंदी भाषा दक्षता उच्च डिप्लोमा (पाठ्यक्रम कोड : 300)
(iv) स्नातकोत्तर हिंदी डिप्लोमा (पाठ्यक्रम कोड : 400)
दिल्ली केंद्र के अंतर्गत उपर्युक्त पाठ्यक्रमों (1 से 3 तक ) का संचालन स्ववित्त पाठ्यक्रम योजना के अंतर्गत किया जाता है।

ये चारों पाठ्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक केंद्र (आईसीसी) कोलंबो एवं केंडी (श्रीलंका) में भी संचालित किए जाते हैं।


 विशेष विवरण अंतरराष्ट्रीय हिंदी शिक्षण विभाग की गूगल साइट पर देखें।