गुरुवार, अक्टू 17

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माधुरी छेड़ा

Madhuri-Chheda

माधुरी छेड़ा का पूरा नाम 'डॉक्टर माधुरी जगदीश छेड़ा' है। इनका जन्म अगस्त, 1949 में हुआ था।

कार्यक्षेत्र

डॉ. माधुरी जगदीश छेड़ा, हिंदी और गुजराती के बीच अपनी रचनाओं से साहित्यिक और सांस्कृतिक संवाद स्थापित कराने में जुटी हुई हैं। वैसे भी माधुरी छेड़ा हिंदी-गुजराती साहित्य की सेवा में समर्पित एक सक्रिय मंच के समान हैं।

काव्य संग्रह

माधुरी जी का काव्य संग्रह 'मेरी आँखों का मौसम', केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा पुरस्कृत है। माधुरी जी की स्त्री विमर्श पर केंद्रित रचनाएँ बहुचर्चित रही हैं। कमलेश्वर के कथा साहित्य और महाराष्ट्र की संत कवयित्रियों पर माधुरी छेड़ा के समीक्षा ग्रंथ विलक्षण मेधा के परिचायक हैं।

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सम्मान और पुरस्कार

'केंद्रीय हिंदी निदेशालय', 'कच्छ शक्ति फ़ाउंडेशन' एवं अखिल भारतीय स्तर पर अनेक साहित्य सेवी संस्थाओं से सम्मान प्राप्त कर चुकीं डॉक्टर माधुरी जगदीश छेड़ा को 'केंद्रीय हिंदी संस्थान' ने 'गंगाशरण सिंह पुरस्कार' से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार प्रदान करते समय केंद्रीय हिंदी संस्था‍न ने गौरव का अनुभव किया है।