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हिंदी सेवी सम्मान समारोह वर्ष 2015

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हिंदी सेवी सम्मान योजना - वर्ष 2015 के अंतर्गत चयनित हिंदी सेवी विद्वानों का मंगलवार, दिनांक 30.05.2017 राष्ट्रपति भवन में सम्मान

 
केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के उच्चतर शिक्षा विभाग (भाषा प्रभाग) के अंतर्गत द्वितीय और विदेशी भाषा के रूप में हिंदी के शिक्षण-प्रशिक्षण, अनुसंधान और बहुआयामी विकास के लिए कार्यरत एक शैक्षिक संस्था है। इसका संचालन स्वायत्त संगठन केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल द्वारा किया जाता है।
हिंदी राष्ट्रीय एकता और समन्वय की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के विकास, प्रचार-प्रसार और प्रोत्साहन में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अतः राजभाषा, राष्ट्रभाषा और संपर्क भाषा के रूप में विभिन्न भारतीय भाषाओं में आपसी संवाद को बढ़ाते हुए भारत की समावेशी संस्कृति के विकास का उत्तरदायित्व भी संस्थान ने निभाया है। इसके साथ ही संस्थान ने विदेशों में हिंदी भाषा और उसके माध्यम से आधुनिक भारत की चेतना और इसके लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रसारित करने के लिए भी संकल्पित है। यही तथ्य केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना और इसके हर कार्यक्रम के मूल में केंद्रीय रूप में विद्यमान रहा है।
हिंदी समाज और विद्वत समुदाय के प्रति अपने व्यापक उत्तरदायित्व को समझते हुए संस्थान द्वारा हिंदी सेवी सम्मान योजना के अंतर्गत वर्ष 2015 से 12 पुरस्कार श्रेणियों में कुल 26 विद्वानों को हिंदी सेवी सम्मान प्रदान करने की शुरुआत कर रहा है। इससे पहले, वर्ष 1989 से 2014 तक 7 पुरस्कार श्रेणियों में कुल 14 हिंदी सेवी विद्वानों को प्रति वर्ष सम्मानित किया जाता था। पुरस्कार राशि भी 1 लाख रुपये से बढ़ा कर 5 लाख रुपये प्रति पुरस्कार की गई है।

इस योजना के अंतर्गत वर्ष 1989 से 2014 तक गंगाशरण सिंह पुरस्‍कार से 119 विद्वानों को, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्‍कार से 59 विद्वानों को,आत्‍माराम पुरस्‍कार से 57 विद्वानों को, सुब्रह्मण्‍य भारती पुरस्‍कार से 60 विद्वानों को, महापण्डित राहुल सांकृत्‍यायन पुरस्‍कार से 44 विद्वानों को, डॉ. जार्ज ग्रियर्सन पुरस्‍कार से 22 विद्वानों को तथा पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्‍यनारायण पुरस्‍कार से 13 विद्वानों को सम्‍मानित किया जा चुका है।

इस प्रकार अब तक विभिन्न श्रेणियों में कुल 373 विद्वान सम्मानित/पुरस्‍कृत किए जा चुके हैं।

इसी क्रम में हिंदी सेवी सम्मान (वर्ष 2015) के अंतर्गत कुल 26 विद्वानों को राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। (वर्ष 2015 के सम्मानित विद्वानों के नामों की सूची यहाँ है।)

इस अवसर पर मानव संसाधन विकास मंत्री एवं केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल के अध्यक्ष श्री प्रकाश जावडेकर, मंडल के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पाण्डेय, संस्थान के निदेशक प्रो. नन्द किशोर पाण्डेय सहित हिंदी के वरिष्ठ विद्वानों और मीडियाकर्मियों, मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों, विभिन्न दूतावासों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय हिंदी संस्थान के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सदस्यों ने सहभागिता की।


 

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