शुक्रवार, नव 22

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नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग

परिचय एवं उद्देश्य -
केंद्रीय हिंदी संस्थान की स्थापना के मौलिक लक्ष्यों की पूर्ति एवं अनुपालन की दृष्टि से नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग के अंतर्गत संस्थान द्वारा हिंदीतर भाषी राज्यों के हिंदी अध्यापकों को द्वितीय भाषा के रूप में हिंदी भाषा का शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी उद्देश्य से विभाग में भारत के हिंदीतर भाषी राज्यों में सेवारत हिंदी शिक्षकों के लिए लघु-अवधीय नवीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन नवीकरण कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को भाषा-शिक्षण की नवीन प्रविधियों से परिचित कराया जाता है तथा उन्हें मानक हिंदी के प्रयोग के प्रति सतत जागरुक रखने का प्रयास किया जाता है। संस्थान हिंदी शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के अंतर्गत मुख्यालय, आगरा एवं क्षेत्रीय केंद्रों पर विभिन्न प्रकार के नवीकरण कार्यक्रम संचालन किया जाता है।
(क) हिंदी के प्रयोजनमूलक भाषा भेदों का सर्वेक्षण एवं अनुसंधान।
(ख) नवीकरण, उच्च नवीकरण, संवर्धनात्मक, कौशलपरक एवं लघु-अवधीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का संचालन तथा भाषा संचेतना शिविरों एवं प्रयोजनमूलक हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का आयोजन।
(ग) उक्त उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हिंदी भाषा एवं साहित्य के उच्चतर अध्ययन की दृष्टि से अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान, भाषा शिक्षण, हिंदी भाषा एवं साहित्य के विविध पक्षों पर संगोष्ठी, कार्यशाला एवं प्रसार व्याख्यान आदि कार्यक्रमों का आयोजन।


विभागीय सदस्य

विभागाध्यक्ष -
डॉ. सतवीर सिंह, विभागाध्यक्ष
शैक्षिक सदस्य -
डॉ.रमेश चंद्र, एसो. प्रोफ़ेसर
प्रशासनिक सदस्य -
श्री गोरन सिंह, शैक्षिक सहायक
श्री राजकुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी


संचालित पाठ्यक्रम
मुख्यालय आगरा में संचालित नवीकरण पाठ्यक्रमों का विवरण निम्न प्रकार है

उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम (अनुप्रयुक्त भाषाविज्ञान)

इस प्रकार के पाठ्यक्रमों के अंतर्गत विश्वविद्यालयी स्तर पर हिंदी भाषा की अध्ययन-अध्यापन संबंधी समस्याओं पर विचार किया जाता है और संदर्भित पाठ्यक्रमों को आवश्यकतानुसार अधिक भाषानिष्ठ बनाने के लिए भाषावैज्ञानिक, शैलीवैज्ञानिक, कोशवैज्ञानिक आदि अनुप्रयोगपरक संदृष्टियों को विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

हिंदी भाषा संचेतना विकास शिविर

यह पाठ्यक्रम उन हिंदी शिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों के लिए आयोजित किए जाते हैं जो हिंदी पढ़ते तो हैं किंतु इसकी प्रायोगिक विविधता एवं व्यापक सामासिक समरसतापूर्ण भूमिका से अनभिज्ञ रह जाते हैं। हिंदी भाषा संचेतना विकास शिविरों के माध्यम से ऐसे प्रशिक्षणार्थियों को हिंदी की राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एवं राजभाषायी भूमिकाओं से परिचित कराया जाता है और उनमें इसके महत्व एवं प्रयोग के प्रति संचेतना विकसित की जाती है।

नवीकरण कार्यक्रम

संस्थान द्वारा सिक्किम राज्य के अध्यापनरत (माध्यमिक स्तरीय) अध्यापकों के लिए मुख्यालय, आगरा में नवीकरण पाठ्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

संवर्धनात्मक पाठ्यक्रम

संस्थान द्वारा संचालित शैक्षिक गतिविधियों से संबद्ध संस्थानों एवं प्रशिक्षण महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम एवं परीक्षा संबंधी एकरूपता तो होती है, फिर भी शिक्षण संबंधी एकरूपता बनाए रखने का दायित्व भी मुख्यालय द्वारा आगरा में निर्वहन किया जाता है। इसके लिए प्रशिक्षणार्थियों को हिंदी के स्वाभाविक परिवेश से परिचित कराने के लिए नवीकरण एवं भाषा प्रसार विभाग द्वारा संवर्धनात्मक पाठ्यक्रम आयोजित से संबंधित विषयों पर व्याख्यान कराये जाते हैं तथा प्रशिक्षणार्थियों की अध्ययन संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाता है।