शुक्रवार, सित 20

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पुस्तकालय नियम

  1. पुस्तकालय सभी दिवसों में कार्यालय के समयानुसार खुलेगा।
  2. निष्णात और पारंगत के छात्रध्यापकों को पुस्तकालय का सदस्य बनने के लिए कार्यालय में रु. 500/- (रुपए पाँच सौ मात्र) कॉशन मनी के रूप में जमा करना होगा। इस राशि पर कोई ब्याज देय नहीं होगा। यह राशि छात्र के संस्थान छोड़ने पर वापस की जाएगी। संस्थान के पुस्तकालयाध्यक्ष को यह अधिकार होगा कि छात्र पर पुस्तकालय का कोई देय होने पर इस राशि में से पुस्तकालय का देय काट लें। शोध छात्रों को रु. 700/- कॉशन मनी जमा करना होगा।
  3. पुस्तकालय का सदस्य बनने पर प्रत्येक सदस्य निम्नलिखित संख्या के अनुसार पुस्तकालय से पुस्तकें ले सकेगा :

    (क) निष्णात के प्रशिक्षणार्थी 5 पुस्तकें

    (ख) पारंगत के प्रशिक्षणार्थी 5 पुस्तकें

    (ग) प्रवीण, त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम के प्रशिक्षणार्थी 5 पुस्तकें

    (घ) शोध छात्र 5 पुस्तकें

  4. प्रशिक्षणार्थियों को पुस्तके 15 दिन की अवधि के लिए, शोध छात्रों एवं शैक्षिक विभाग के सदस्यों को पुस्तकें एक मास की अवधि के लिए दी जाएँगी। उक्त अवधि की समाप्ति पर पुस्तकों को वापस करना होगा। आवश्यकतानुसार सदस्य किसी पुस्तक को एक बार पुन: निर्गमित (रि-इश्यू) करा सकते हैं। किसी भी पुस्तक का पुन: निर्गमन केवल एक बार ही हो सकता है।
  5. पुस्तक की माँग को ध्यान में रखते हुए पुस्तकालयाध्यक्ष पुस्तक रखने की अवधि को कम कर सकते हैं, अवधि समाप्त होने से पूर्व पुस्तक को मँगा सकते हैं और पुस्तक को पुन: निर्गमित करने से मना कर सकते हैं।
  6. कोश, शोध प्रबंध आदि संदर्भ ग्रंथ पुस्तकालय से बाहर पढ़ने के लिए नहीं दिए जाएँगे। कोई ग्रंथ संदर्भ ग्रंथ है या नहीं, इसका निर्णय पुस्तकालयाध्यक्ष के द्वारा किया जाएगा।
  7. पुस्तकालय द्वारा किसी पुस्तक की माँग किए जाने पर सदस्य को 24 घंटे के अंदर पुस्तक वापस कर देनी होगी। माँगे जाने पर या नियत अवधि पर पुस्तकें वापस न करने पर सदस्य को पुस्तकालय से पुस्तकें देना बंद किया जा सकता है। पुन: सदस्य बनने के लिए निदेशक की अनुमति आवश्यक होगी। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा नियत अवधि पर पुस्तकें वापस न करने पर एक रुपए प्रतिदिन की दर से विलंब शुल्क लिया जाएगा।
  8. सामायिक पत्र-पत्रिकाओं और शोध पत्रिकाओं के नवीनतम अंक पुस्तकालय से बाहर पढ़ने के लिए नहीं दिए जाएँगे।
  9. पुस्तकालय से पुस्तक/पत्रिका आदि पाठ्य सामग्री लेने के बाद उस सामग्री की सुरक्षा का दायित्व सदस्य का होगा।
  10. 10. सदस्य के द्वारा पुस्तक या पत्रिका खो दिए जाने, खराब करने अथवा फाड़ देने पर पुस्तक के अतिरिक्त निम्न आधार पर अधिभार निश्चित किया जाएगा

    (क) यदि पुस्तक का नवीनतम संस्करण (तीन वर्ष से अधिक पुराना न हो) उपलब्ध है तो उसके मूल्य का दुगुना मूल्य लिया जाएगा।

    (ख) यदि पुस्तक को प्रकाशित हुए 10 वर्ष या उससे कम वर्ष व्यतीत हो चुके हैं तो पुस्तक के मूल्य का 5 गुना अधिभार लिया जाएगा।

    (ग) यदि पुस्तक के प्रकाशन को दस वर्ष या उससे अधिक समय व्यतीत हो चुका है तो पुस्तक के मूल्य का दस गुना अधिभार लिया जाएगा।

    (घ) विदेशी पुस्तक को खरीदते समय पुस्तक का उस समय विदेशी मुद्रा में जो मूल्य था उसकी वर्तमान विदेशी मुद्रा विनियम दर से भारतीय मुद्रा में परिवख्रतत करके जो मूल्य बनेगा उस पर उपर्युक्त नियमों के आधार पर अधिभार की गणना की जाएगी।

  11. बहुखंडीय ग्रंथों के किसी एक खंड के खो जाने/विकृत करने की दशा में सदस्य से ग्रंथ के पूरे सैट का अधिभार सहित मूल्य लिया जाएगा। सदस्य संबंधित खंड भी पुस्तकालय को दे सकता है।
  12. सदस्य अपना व्यक्तिगत सामान (पुस्तकें, बैग, फाइलें आदि) लेकर पुस्तकालय एवं वाचनालय में प्रवेश नहीं करेंगे।
  13. सदस्य को पुस्तकालय द्वारा दिए गए पुस्तकालय कार्ड अहस्तांतरणीय हैं। उनकी सुरक्षा का दायित्व सदस्य का है। कार्ड खो जाने पर उसकी लिखित सूचना तुरंत पुस्तकालयाध्यक्ष को देनी चाहिए।
  14. प्रत्येक शैक्षिक सत्र के अंत में सभी सदस्यों को पुस्तकालय की पुस्तकों एवं अन्य पाठ्य सामग्री को भौतिक सत्यापन हेतु वापस करना होगा। वापस करने के पश्चात आवश्यकतानुसार पुस्तकें पुन: निर्गमित (रि-इश्यू) की जाएँगी।