बुधवार, अक्टू 23

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असग़र वज़ाहत

asagar-vazahat

डॉ. असग़र वज़ाहत मौजूदा हिंदी कथा एवं उपन्‍यास साहित्‍य की एक अनिवार्य उपस्थिति हैं। डॉ. वज़ाहत के पाँच उपन्‍यास, सात नाटक, एक नुक्‍कड़ नाटक संग्रह, तीन यात्रा संस्‍मरण की पुस्‍तकें और आलोचना की एक पुस्‍तक प्रकाशित है। डॉ. असग़र वज़ाहत का जन्म  वर्ष 1946 में हुआ।

कार्यक्षेत्र

‘जिस लाहौर नहीं देख्‍या’ और ‘गोडसे@गांधी.कॉम’ जैसे इनके नाटकों का मंचन देश-विदेश की अनेक भाषाओं में संपन्‍न हुआ है। इनकी रचनाओं के अनेक देशी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद हुए हैं।
बी.बी.सी. हिंदी के अतिथि संपादक रहे डॉ. वज़ाहत ने भारतीय मुसलमानों, स्त्रियों, आदिवासी जीवन और प्रवासी भारतीयों पर केंद्रित कुछ पत्रिकाओं का अतिथि संपादन किया। साहित्‍य लेखन के साथ-साथ ये शिक्षा, संस्‍कृति, विज्ञान और चित्रकला के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। यूरोप और अमेरिका के कई विश्‍वविद्यालयों में इन्‍होंने अध्‍यापन कार्य किया और व्‍याख्‍यान दिए हैं।

सम्मान एवं पुरस्कार

हिंदी साहित्‍य में विशेष अवदान के लिए केंद्रीय साहित्‍य अकादमी और कथा यू.के. जैसी संस्‍थाओं ने उन्‍हें पुरस्‍कृत किया है। डॉ. असगर वज़ाहत को महापंडित राहुल सांकृत्‍यायन पुरस्‍कार से सम्‍मानित करते हुए केंद्रीय हिंदी संस्थान भाव-विभोर है।

संपर्क

ब्‍लॉक नं. जे-1/04, पार्श्‍वनाथ प्रस्‍टीज, सैक्‍टर-93-ए, नोएडा-201304 (उ.प्र.)

फोन  –    09818149015
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