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शैक्षिक कार्यक्रम शिलांग केंद्र

केंद्र द्वारा नवीकरण पाठ्यक्रम, उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम, कार्यशालाएँ, शैक्षिक सामग्री निर्माण कार्यशालाएँ आदि का आयोजन किया जाता है, जिनका विवरण इस प्रकार है-

(1) नवीकरण पाठ्यक्रम- केंद्र पर अब तक 117 नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 3716 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

(2) उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम - केंद्र पर अब तक 02 उच्च नवीकरण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें 25 प्राध्यापकों ने भाग लिया।

(3) लघु अवधीय नवीकरण पाठ्यक्रम - केंद्र पर अब तक 04 लघु अवधीय नवीकरण पाठ्यक्रम हुए हैं। ये नवीकरण मिजोरम सरकार की मांग पर किय गए थे।

(4) कार्यशालाएँ

  • 12 जून से 20 जून, 2005 तक मेघालय के सरकारी विद्यालयों के कक्षा 5 से 7 तक पुस्तकों का निर्माण के लिए कार्यशाला
  • 0-04 दिसम्बर, 2005 को हिंदी खासी तथा हिंदी-गारो व्यतिरेकी व्याकरण निर्माण की कार्यशाला
  • दि. 16-27 फरवरी 2006 तक शिलांग स्थित हिंदी भाषी डाक वितरकों के लिए हिंदी अधिगम कार्यशाला
  • दि. 04-10 फरवरी, 2006 तक केंद्रीय सरकार के शिलांग स्थित कार्यालयों के हिंदीतर भाषा-भाषी कार्मिकों के लिए हिंदी अधिगम कार्यशाला
  • दि. 18.08.08 से 06.09.08 तक मिजोरम राज्य में कक्षा 5, 6, 7 तथा 8 की पाठ्य पुस्तकें का संशोधन एवं अंतिम रूप देने के लिए कार्यशाला
  • 21-29 मार्च, 2009 तक मेघालय की कक्षा 5, 6, 7 की पुस्तक का निर्माण
  • 10-22 जुलाई, 2009 तक मेघालय राज्य की कक्षा 8वीं की पुस्तक का निर्माण
  • 14-18 सितंबर, 2009 तक भाषा अधिगम की कार्यशाला
  • 01-10 जनवरी, 2010 तक रेडियो पर हिंदी सिखाने हेतु पाठ निर्माण की कार्यशाला
  • 09-23 मार्च, 2010 तक अध्येता कोश निर्माण की कार्यशाला
  • 05-09 जुलाई 2010 तक हिंदी खासी गारो-अंग्रेजी बाल शब्द कोश तैयार करने हेतु कार्यशाला
  • 15-19 अक्टूबर, 2010 तक शिलांग केंद्र में संपन्न संगोष्ठी के आलेखों को पुस्तकों का रूप देने हेतु कार्यशाला

(5) राष्ट्रीय संगोष्ठी- 8-10 फरवरी, 2008 को 'हिंदी शिक्षण की समस्याएँ तथा सामग्री निर्माण, 16-17 नवंबर, 2007 को 'भाषाई मीडिया की समस्याएँ, 03-04 दिसम्बर, 2009 को पूर्वोत्तर राज्यों में हिंदी शिक्षण-प्रशिक्षण एवं प्रसार की स्थिति का अध्ययन और संभावनाएँ, 03-05 मार्च, 2011 को 'अज्ञेय :पुनर्पाठ की आवश्यकता' विषयों पर राष्ट्रीय संगोष्ठियों आयोजित की गईं।

(6) लघुसंगोष्ठी - 29-30 मार्च 2010 को 'पूर्वोत्तर में हिंदी के प्रसार में संप्रेषण माध्यम का योगदान' विषय पर लघु संगोष्ठी आयोजित की गई।

(7) समन्वय पूर्वोत्तर त्रैमासिक पत्रिका - मुख्यालय आगरा के पत्रांक 2-34/(शि.)/06-07/4210 दिनांक 06-07.11.2006 के अनुसार ' समन्वय पूर्वोत्तर' पत्रिका का प्रकाशन कार्य जारी है। केंद्रीय हिंदी संस्थान के स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर विशेष अंक के रूप में पूर्वोत्तर भारती की संस्कृति विषय पर इसका दसवां अंक जनवरी-मार्च 2011 प्रकाशित किया जा रहा है।

(8) लोक साहित्य परियोजना (कार्यशाला) - मुख्यालय आगरा के पात्रांक दि. 02.05.08 के अनुसार लोक साहित्य परियोजना का कार्य (पूर्वोत्तर के स्थानीय भाषाओं के लोक काव्य, लोक गीत, लोक गाथा एवं कथाएँ संबंधी हिंदी अनुवाद) चल रहा है।

क्रमांकपरियोजनास्थानसंपादक
1. हिंदी-खासी परियोजना शिलांग

1. प्रो. एस लमारे
2. श्रीमती जीन एस. ड्खार

2. हिंदी-मिजो परियोजना मिजोरम

1. आर एल. थनमोया
2. आर. ललथलमुआनी

3. हिंदी-असमिया असम

1. डॉ दिलीप बोरा
2. डॉ किशोर भट्टाचार्य

4. हिंदी-बोडो असम

1. सुश्री स्वर्णप्रभा चौधरी
2. श्री सुकुमार बुसमतारी

5. हिंदी-काकबराक त्रिपुरा

1. डॉ नरेन्द्र देव वर्मा
2. सुश्री खोमतियादेव वर्मा

6. हिंदी-लोथा नागालैण्ड 1. श्री फ्योखामी लोथा

 

(9) हिंदी भाषा अधिगम पाठ्यक्रम - मुख्यालय आगरा के पत्रांक 4-19/09/-10/6068 दिनांक 12-13.01.2010 के अनुसार मेघालय राज्य सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा हिंदी प्रेमी जनता के लिए दिनां 24.01.2011 से 60 दिवसीय हिंदी भाषा अधिगम पाठ्यक्रम प्रारंभ हो चुका है। यह पाठ्यक्रम 24.01.2011 से 23.04.2011 तक होगा इस पाठ्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों की परीक्षा होगी, तत्पश्चात् उन्हे प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके प्रथम बेच में कुल 25 प्रतिभागियों को प्रवेश दिया गया है। इस पाठ्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन दि. 01.02.11 को केंद्र के नए परिसर मावडियाड-डियाड में किया गया।