शुक्रवार, मई 24

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आधारिक संरचना एवं योजनाएँ मैसूर केंद्र

आधारिक संरचनाएँ

भवन- केंद्र पहले किराए की बिल्डिंग में चलता था, लेकिन अब वह अपने निजी भवन में स्थित हैं।

पुस्तकालय- पुस्तकालय में भाषा विज्ञान, हिंदी साहित्य, शिक्षाशास्त्र, कला आदि विषयों से संबंधित लगभग 2983 पुस्तकें हैं। 12 पत्र-पत्रिकाएँ नियमित रूप से आती हैं।

भावी योजनाएँ

  1. केंद्र में नियमित पाठ्यक्रम चलाना
  2. (क) निष्णात/पारंगत/प्रवीण
    (ख) अनुभाद/भाषा विज्ञान डिप्लोमा (सांध्यकालीन)
    (ग) नवीकरण कार्यक्रमों को आवासीय बनाना (निजी नये भवन में) भवन पूरी तरह से फ़र्निश होने पर, इस ओर कोशिश की जाएगी।

  3. हैदराबाद केंद्र दक्षिणांचल पत्रिका के प्रकाशन में सहयोग देना। इस पत्रिका का प्रस्ताव पिछले कुछ दिनों से है। पहले अंक की प्रेस-कॉपी हैदराबाद केंद्र में तैयार है।
  4. एडुसाट से हिंदी कार्यक्रम चलाना इस संबंध में एडुसाट के अधिकारियों से स्वीकृत आ गयी है। आगे विस्तृत कार्यक्रम की रूपरेखा के लिए गया है।
  5. केरल में वर्चुअल क्लास रूम शिक्षण योजना में व्यावहारिक रूप से हिंदी कक्षाएँ चलाना।
  6. प्राकृतिक भाषा संसाधन एवं मशीनी अनुवाद में संस्थान की युवा पीढ़ी को प्रशिक्षित कर इस दिशा में संस्थान के योगदान का मार्ग प्रशस्त करना। इस विषय पर आगरा मुख्यालय से स्वीकृति मिली हैं। इस आधार पर भारतीय भाषा संस्थान के सहयोग से इस प्रशिक्षण को आयोजित करने का प्रस्ताव हैं। इस संबंध में भारतीय भाषा संस्थान के निदेशक से वार्तालाप हुआ है और उन्होंने इसके लिए पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है।