बुधवार, जुल 17

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प्रवेश नियम

  1. विभिन्न पाठ्रयक्रमों के आगामी सत्र के लिए संलग्न आवेदन-पत्र एवं प्रवेश-पत्र 31 मार्च तक कुलसचिव, केंद्रीय हिंदी संस्थान, हिंदी संस्थान मार्ग, आगरा-282005 के कार्यालय में पहुँच जाने चाहिए। इसके बाद प्राप्त आवेदन-पत्रें पर विचार नहीं किया जाएगा।
  2. आवेदन-पत्र के साथ उत्तीर्ण परीक्षाओं के प्रमाण-पत्रों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपियाँ भेजना आवश्यक है।
  3. राज्य सरकारों एवं सरकारी विद्रयालयों द्रवारा प्रतिनियुक्त किए गए सेवारत हिंदी अध्यापकों को उनकी अर्हता, योग्यता के आधार पर विभिन्न पाठ्रयक्रमों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा।
  4. हिंदी शिक्षण निष्णात, हिंदी शिक्षण पारंगत एवं हिंदी शिक्षण प्रवीण पाठ्रयक्रमों में सेवापेक्षी; प्री-सर्विस छात्रों  का प्रवेश लिखित परीक्षा के आधार पर होगा। प्रवेश परीक्षा की तिथि जून के प्रथम / द्वितीय सप्ताह में रहेगी एवं स्थान की सूचना पत्र व्यवहार के पते पर बाद में दी जाएगी। प्रवेश-परीक्षा का प्रश्न-पत्र निम्नवत्र होगा

    खंड (क): सामान्य ज्ञान 25 अंक

    खंड (ख): शिक्षक अभिरुचि परीक्षण 25 अंक

    खंड (ग): हिंदी भाषा एवं साहित्य 25 अंक

    खंड (घ): हिंदी भाषा दक्षता परीक्षण 25 अंक

    प्रवेश परीक्षा के मॉडल पेपर के नमूने पृष्ठ 25 पर दिए गए हैं।

    प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए किसी भी प्रकार का कोई मार्ग व्यय एवं भत्ता देय नहीं होगा।

  5. प्रवेश परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर ही विभिन्न पाठ्रयक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा जो आरक्षणवार और  राज्यवार निर्धारित सीटों के अनुसार होगा।
  6. प्रवेश परीक्षा के बाद चुने गए सभी आवेदकों को प्रवेश के समय निम्नलिखित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे
  7. (क) शैक्षिक योग्यता संबंधी मूल प्रमाण-पत्र
    (ख) जन्म-तिथि संबंधी प्रमाण-पत्र
    (ग) यदि सेवारत है तो वर्तमान सेवा-संस्था से प्राप्त निवृत्ति-पत्र
    (घ) स्वास्थ्य संबंधी प्रमाण-पत्र गर्भवती महिलाओं को पाठ्रयक्रम में प्रवेश नहीं दिया जाता
    (ङ) दो प्रतिष्ठित सज्जनों से प्राप्त चरित्र प्रमाण-पत्र

  8. प्रवेश के समय प्रवेशार्थी को पुस्तकालय परिभाव्य धन (कॉशन मनी) रु. 500.00 एवं छात्रवास परिभाव्य धन (कॉशन मनी) रु. 2000.00 जमा करना होगा। यह धन सत्रांत के पश्चात एक महीने के अंदर प्रार्थना-पत्र् मिलने पर लौटाया जाएगा। 
  9. प्रवेश की सूचना प्राप्त किए बिना यदि कोई आवेदक यहाँ आ जाता है तो यह उसकी निजी जिम्मेदारी होगी। ऐसे आवेदकों को छात्रवास में ठहरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  10. प्रशिक्षणार्थियों को सत्र की अवधि में किसी दूसरी परीक्षा की तैयारी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि सत्र् की अवधि में कोई छात्र अन्य परीक्षा की तैयारी करता पाया जाएगा तो उसे संस्थान से निष्कासित कर दिया जाएगा और उसे दी गई छात्रवृत्ति की सारी धनराशि भी वसूल की जाएगी। 
  11. प्रशिक्षणार्थियों द्वारा आवेदन-पत्र् में दी गई सूचनाओं तथा प्रस्तुत प्रमाण-पत्रें की जाँच कराई जा सकती है। किसी भी प्रकार की सूचना के गलत तथा प्रमाण-पत्र के अवैध पाए जाने पर उनका प्रवेश तत्काल रद्रद कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षणार्थी की समस्त धनराशि जब्त कर ली जाएगी।
  12. गर्भवती महिलाओं को इन पूर्णसत्रीय पाठ्रयक्रमों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
  13. छात्रें की सामान्य चिकित्सा के लिए संस्थान में समुचित व्यवस्था है| विशेष चिकित्सा हेतु अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में छात्रों को स्वयं खर्च वहन करना होगा। संस्थान किसी भी प्रकार के बाहरी बिल का भुगतान नहीं करेगा। संस्थान विशेष बीमारी, दुर्घटना आदि व्ययभार भी नहीं उठाएगा।
  14. ऐसी बीमारी जो संस्थान में प्रवेश लेने के पूर्व आवेदक के शरीर में पनपनी शुरू हो गई होगी, उस बीमारी से गंभीर स्थिति उत्पन्न होने पर आपात स्थिति में मदद लेकर आगे की चिकित्सा का खर्च विद्यार्थी को स्वयं वहन करना होगा। बीमारी की पहचान चिकित्सीय प्रमाण/रिपोर्ट के आधार पर मान्य होगी।
  15. प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी उत्तरी भारत की जलवायु के अनुकूल बिस्तर, मसहरी और पहनने तथा ओढ़ने के गरम कपड़े अवश्य ले आए।
  16. प्रवेश हेतु आवेदन करने के लिए नियमावली, जिसके अंत में आवेदन-पत्र दिए गए होते हैं, संस्थान मुख्यालय से मंगाई जा सकती है।

छात्रवृत्ति संबंधी नियम

  1. संस्थान के मुख्यालय एवं केंद्रों पर प्रवेश प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में रु. 2000/- प्रतिमाह का भुगतान किया जाता है। राज्य सरकारों द्वारा संचालित संबद्ध महाविद्यालयों/संस्थानों में प्रवेश प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की कोई व्यवस्था नहीं है।
  2.  कार्य दिवसों में अनुपस्थित रहने वाले छात्र की छात्रवृत्ति काट ली जाएगी।
  3. जो छात्र एक अंतर में अनुपस्थित पाए जाएँगे, उनकी छात्रवृत्ति से 20 रुपए और जो छात्र दो अंतरों में अनुपस्थित पाए जाएँगे उनकी छात्रवृत्ति से 50 रुपए की कटौती कर ली जाएगी।

आकस्मिक अवकाश संबंधी नियम

  1.  सत्रावधि में अति महत्वपूर्ण कारणों के आधार पर छात्रों को आठ दिन का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है जो अधिकार न होकर परिस्थितिजन्य माना जाएगा और इसके लिए छात्रवृत्ति देय नहीं होगी।

मध्यावकाश संबंधी नियम

  1. संपूर्ण सत्रावधि में केवल दो सप्ताह का मध्यावकाश दिया जाएगा। अवकाश की वास्तविक तिथियों की घोषणा प्रत्येक वर्ष के कैलेण्डर के आधार पर सत्र के प्रारंभ में की जाएगी।
  2. जो छात्र् मध्यावकाश के पूर्व या बाद में कक्षा में लगातार पाँच दिन अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें संबद्ध महीने की छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। लगातार 10 दिन तक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों का प्रवेश स्वत: निरस्त माना जाएगा और उन्हें पाठ्रयक्रम से मुक्त कर दिया जाएगा।

सामान्य सूचनाएँ

  1. संस्थान की उपाधियों का जितना महत्व है, उतना ही महत्व संस्थान द्वारा जारी किए जाने वाले अन्य प्रमाण-पत्रों का भी है। संस्थान में औपचारिक शिक्षण के अतिरिक्त अनौपचारिक शिक्षण के अंतर्गत साहित्य-सभा, प्रसार व्याख्यान, विशेष व्याख्यान, संगोष्ठी, सांस्ड्डतिक समारोह, क्रीड़ा प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताएँ, स्काउट एवं गाइड, शैक्षणिक पर्यटन आदि भी आयोजित होते हैं। इन सह-पाठ्रयक्रमीय क्रिया-कलापों में प्रत्येक छात्र/छात्रा की उपस्थिति अनिवार्य है। जो छात्र/छात्रा इन कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, उन्हें योग्यता, दक्षता, सहभागिता के अनुरूप प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।
  2. संस्थान के अध्यापक शिक्षा विभाग के प्रशिक्षणार्थियों की छात्र-पत्रिका 'समन्वय' हर हर्ष प्रकाशित होती है, जिसमें उनके रचनात्मक लेख, कविता, कहानी इत्यादि प्रकाशित किए जाते हैं।